छत्तीसगढ़ में कृषि व्यवस्था

छत्तीसगढ़ में कृषि व्यवस्था 




  • छत्तीसगढ़ राज्य की लगभग 80 प्रतिशत जनसँख्या का जीवन यापन कृषि पर निर्भर है। 
  • प्रदेश के 37.46 लाख कृषक परिवारों में से 76 प्रतिशत लघु एवं सीमति श्रेणी में आते है। 
  • वर्तमान में प्रदेश के सभी सिंचाई स्त्रोतो से लगभग 31 प्रतिशत क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध है जिसमें से सर्वाधिक 64 प्रतिशत क्षेत्र जलाशयों / नहरों के माध्यम से सिंचित है, जो अधिकांश वर्षा पर निर्भर है । 
  • प्रदेश की लगभग 55 प्रतिशत काश्त भूमि की जलधारण क्षमता कम होने के कारण बिना सिंचाई साधन के दूसरी फसल लेना संभव नहीं है ।
  •  राज्य निर्माण के समय, इस प्रदेश में आवश्यक संरचनाए तथा बीज प्रक्रिया केन्द्र, प्रशिक्षण केन्द्र, खाद एवं गोदाम आदि का अभाव था इसलिए राज्य में विभिन्न फसलों की उत्पादकता, अन्य विकसित राज्यों की तुलना में कम थी ।



राज्य गठन के पश्चात, कृषि विकार कार्यक्रमो को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा राज्य शासन के कृष्कोन्मुखी योजनाओ के फलस्वरूप कृषि विकास की गति में तेज़ी आयी है।  

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