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उपराष्ट्रपति ने एमएस सुब्बुलक्ष्मी की स्मृति में स्मारक सिक्का जारी किया

उपराष्ट्रपति ने एमएस सुब्बुलक्ष्मी की स्मृति में स्मारक सिक्का जारी किया

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 19 सितंबर 2017 को भारत रत्न डॉ. एम एस सुब्बुलक्ष्मी के जन्मशती के अवसर पर स्मारक सिक्के जारी किये. एम एस सुब्बुलक्ष्मी एक प्रतिष्ठित गायिका थीं जिन्होंने भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा के बारे में कहा था कि भारत को परिभाषित करने वाला यह संगीत की समृद्ध विरासत और लोगों को एक साथ लाने में इसकी एकमात्र भूमिका है. सुब्बुलक्ष्मी को केवल एक  गायिका ही नहीं बल्कि संगीत की इनसाइक्लोपीडिया भी कहा जाता है. उनका कहना था कि भारतीय संगीत की जड़ें वैदिक साहित्य विशेषकर सामवेद से जुड़ी हैं. वे पहली गायिका थीं जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया. भारत के इस सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान के अतिरिक्त उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा के 50वें अधिवेशन में प्रस्तुति देने का भी अवसर प्राप्त हुआ.

भारत रत्न डॉ एम एस सुब्बुलक्ष्मी के जन्म शताब्दी के समापन समारोह का जश्न मनाने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा (आईजीएनसीए) कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इनमें 15 से 22 सितम्बर तक आईजीएनसीए के प्रांगण में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिनमें लोक गायन, लोक वादन, पुस्तक मेले का आयोजन, लघु फिल्में, जैसे आयोजन शामिल हैं.

एम एस सुब्बुलक्ष्मी

•    डॉ. सुब्बुलक्ष्मी कर्नाटक की गायिका थीं. उनका जन्म मद्रास प्रेसीडेंसी के तहत मदुरई में 1916 को हुआ था.

•    वे भारत रत्न से सम्मानित होने वाली वे पहली संगीतकार थीं.

•    उन्हें दक्षिण भारत की लता मंगेशकर भी कहा जाता है.

•    वे रमन मैगसेसे पुरस्कार प्राप्त करने वाली भी पहली भारतीय संगीतकार हैं. इस पुरस्कार को एशिया का नोबल पुरस्कार भी माना जाता है.

•    सुब्बुलक्ष्मी के जन्मशताब्दी वर्ष पर पिछले 16 सितम्बर 2016 से ही अलग-अलग शहरों में कार्यक्रमों का आयोजन चल रहा है.

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